अं
क्ष त्र ज्ञ लृ श्र अः
सार्वभौमिक वर्ण समुच्चय
यूनिकोड नामदेवनागरी अक्षर
देवनागरीU+0905

उच्चारण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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झ हिंदी व्यंजन वर्णमाला का नवाँ और चवर्ग का चौथा वर्ण जिसका स्थान तालु है । यह स्पर्श वर्ण है और इसके उच्चारण में संवार, नाद और घोष प्रयत्न होते हैं । च, छ, ज, और ज्ञ इसके सवर्ण हैं ।

झ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. झँझावात । वर्षा मिली हुई तेज आँधी ।

२. सुरगुरु । बृहस्पति ।

३. दैत्यराज ।

४. ध्वनि । गुंजार शब्द ।

५. तीब्र वायु । तेज हवा ।