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प्रकाशितकोशों से अर्थ सम्पादन

शब्दसागर सम्पादन

हठजोग संज्ञा पुं॰ [सं॰ हठयोग] दे॰ 'हठयोग' । उ॰—एक भक्ति मैं जानौ और झूठ सब बात । और झूठ सब बात करै हठजोग अनारी । ब्रह्म दोष वो लेय कया को राखै जारी ।—पलटू॰, भा॰ १, पृ॰ २६ ।