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प्रकाशितकोशों से अर्थ सम्पादन

शब्दसागर सम्पादन

शिल्प संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. हाथ से कोई चीज बनाकर तैयार करने का काम । दस्तकारी । कारीगरी । हुनर । जैसे, बरतन बनाना । कपड़े सीना । गहने गढ़ना आदि ।

२. कला संबंधी व्यवसाय, जैसे—अब इस नगर में के कई शिल्प नष्ठ हो गए हैं ।

३. दक्षता । पाटव । कौशल । चातुर्य (को॰) ।

४. निर्माण । सर्जन । सृष्टि । रचना (को॰) ।

५. आकार । आवृत्ति । रूप (को॰) ।

६. अनुष्ठान । क्रिया । धार्मिक कृत्य (को॰) ।

७. यज्ञादि में प्रयुक्त स्त्रुवा (को॰) ।