शब्द व्याकरण-१ व्या-२ व्या-३ व्या-४ व्या-५ अर्थ-१ अर्थ-२ अर्थ-३ अर्थ-४ अर्थ-५
इंतज़ाम पुलिंग - - - - प्रबन्ध, व्यवस्था। - - - -
इंदराज पुलिंग - - - - दर्ज करने की क्रिया या काम, प्रविष्टि। - - - -
इकहरा विशेषण विशेषण - - - एक ही परतवाला; पतला। - - -
इकाई स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - किसी पूरे वर्ग या समूह का ऐसा भाग जो विश्लेषण के लिए स्वतन्त्र या पृथक माना जाता हो (यूनिट); किसी संख्या में दाईं ओर का पहला अंक या उसका स्थान। - - -
इक्का पुलिंग पुलिंग - - - एक प्रकार की छोटी गाड़ी जिसमें केवल एक घोड़ा जोड़ा जाता हैं; ताश का एक बूटीवाला पत्ता। - - -
इक्का-दुक्का विशेषण - - - - अकेला,-दुकेला, कोई-कोई। - - - -
इच्छा स्त्रीलिंग - - - - चाह, कामना। - - - -
इठलाना अकारात्मक क्रिया - - - - गर्वसूचक चेष्टाएं करना, ऐंठ दिखाना, इतराना। - - - -
इतिवृत्त पुलिंग पुलिंग - - - किसी विषय से संबन्धित समस्त घटनाओं का काल क्रमानुसार पूर्ण विवरण (केस हिस्टरी); कथा, कहानी आदि के रूप में पुरानी बातों का विवरण, इतिहास। - - -
इतिहास पुलिंग - - - - किसी व्यक्ति, समाज या देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का काल क्रमानुसार वर्णन। - - - -
इत्र पुलिंग - - - - विशिष्ट प्रक्रिया से निकाला हुआ फूलों का सुगंधिंत सार, पुष्पसार, अतर। - - - -
इधर क्रिया विशेषण क्रिया विशेषण - - - (दिशा और विस्तार के विचार से) इस ओर, इस तरफ, इस स्थान पर, पास-पड़ोस में; (समय के विचार से) वत्र्तमान के आस-पास। - - -
इनकार पुलिंग - - - - न मानने की क्रिया या भाव, अस्वीकृति। - - - -
इनाम पुलिंग - - - - पुरस्कार, पारितोषिक। - - - -
इमारत स्त्रीलिंग - - - - भवन। - - - -
इलाका पुलिंग - - - - क्षेत्र, प्रदेश। - - - -
इलाज पुलिंग पुलिंग - - - उपचार, चिकित्सा; प्रतिकार की युक्ति या उपाय। - - -
इशारा पुलिंग - - - - संकेत। - - - -
इस्तरी स्त्रीलिंग - - - - कपड़े की शिकन दूर करने या तह बिठाने के लिए लोहे या पीतल का उपकरण (आयरन)। - - - -
इस्पात पुलिंग - - - - विशेष प्रक्रिया से तैयार किया हुआ कड़ा और बढ़िया लोहा (स्टील)। - - - -
ईंट स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - सांचे में ढालकर पकाया हुआ मिट्टी का टुकड़ा जो दीवार आदि बनाने के काम आता हैं (ब्रिक); ताश के चार रंगों में से एक जिसमें लाल रंग की चोकोर बूटियां बनी होती हैं। - - -
ईंधन पुलिंग - - - - जलाने के काम आने वाली लकड़ी, जलावन। - - - -
ईख स्त्रीलिंग - - - - गन्ना, ऊख। - - - -
ईश्वर पुलिंग - - - - परमात्मा, भगवान। - - - -
उँडेलना सकारात्मक क्रिया - - - - किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालना या जमीन पर गिरा देना। - - - -
उकताना अकारात्मक क्रिया - - - - ऊबना। - - - -
उकसाना सकारात्मक क्रिया - - - - भड़काना, उत्तेजित करना। - - - -
उक्ति स्त्रीलिंग - - - - किसी की कही हुई बात, कथन, वचन। - - - -
उखाड़ना सकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया - - - जमी, ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना; भागने या हटने के लिए विवश करना। - - -
उगना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - उदय होना, निकलना; अंकुरित होना; उपजना, पैदा होना। - -
उगलना सकारात्मक क्रिया - - - - मुँह में ली हुई चीज को थूक देना, खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना। - - - -
उगाना सकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया - - - किसी बीज या पौधे आदि को उगने में प्रवृत करना, उपजाना। उत्पन्न या पैदा करना। - - -
उघाड़ना सकारात्मक क्रिया - - - - खोलना, अनावृत करना, नंगा करना। - - - -
उचटना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - - किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना; मन का हट जाना, न लगना, ऊबना। - - -
उचित विशेषण विशेषण विशेषण - - उपयुक्त, मुनासिब; ठीक, सही; न्यायसंगत। - -
उच्च विशेषण विशेषण विशेषण - - ऊँचा; पद आदि में औरों से ऊपर या बड़ा; श्रेष्ठ। - -
उच्चारण पुलिंग - - - - सार्थक शब्द कहने या बोलने का निश्चित और शुद्ध ढंग या प्रकार (प्रोनेसिएशन)। - - - -
उछल-कूद स्त्रीलिंग - - - - बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया या भाव। - - - -
उछलना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - - वेगपूर्वक ऊपर की ओर उठना या बढ़ना; अत्यंत प्रसन्न होना, खुशी से फूलना। - - -
उजड़ना अकारात्मक क्रिया - - - - बसे हुए स्थान के आबाद न रहने पर उस का टूट-फूट कर बेकार हो जाना। - - - -
उजाला पुलिंग पुलिंग - - - चांदनी, प्रकाश, रोशनी; प्रात:काल होने वाला प्रकाश। - - -
उठना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - ऊंचाई की ओर या ऊपर जाना अथवा बढ़ना; गिरे, झुके, बैठे या लेटे होने की स्थिति से खड़े होने की स्थिति में आना; जागना। - -
उड़ना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना-जाना। प्राकृतिक, रसायनिक आदि कारणों से किसी चीज का धीरे-धीरे कम होना या न रह जाना; गायब या लुप्त हो जाना। - -
उतना विशेषण - - - - पहले निर्धारित मात्रा, मान, संख्या, दूरी आदि का सूचक। - - - -
उतरना अकारात्मक क्रिया - - - - किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर के या ऊंचे स्थान से क्रमश: नीचे की ओर आना। - - - -
उतार-चढ़ाव पुलिंग पुलिंग - - - नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की अवस्था, क्रिया या भाव; किसी वस्तु के मान, मूल्य स्तर आदि का बराबर घटते-बढ़ते रहना। - - -
उतारना सकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया - - ऊपर से नीचे लाना; अलग करना (वस्त्र), आभूषण; पार या दूसरी ओर पहुँचाना (नदी आदि के)। - -
उत्कंठा स्त्रीलिंग - - - - कुछ करने या पीने की प्रबल इच्छा, चाव। - - - -
उत्कर्ष पुलिंग पुलिंग - - - ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव; पद, मान, संपत्ति, भाव, मूल्य आदि में होने वाली वृद्धि। - - -
उत्तम विशेषण - - - - गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर। - - - -
उत्तराधिकार पुलिंग - - - - किसी को न रह जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन-संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार। - - - -
उत्तेजना स्त्रीलिंग - - - - वह स्थिति जिसमें मन की चंचलता के कारण कोई व्यक्ति बिना समझे-बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से प्रवृत या रत होता है। - - - -
उत्पादन पुलिंग - - - - उत्पन्न या पैदा करने, बनाने की क्रिया या भाव। - - - -
उत्सव पुलिंग - - - - ऐसा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम जिसमें विशिष्ट अवसर पर विशिष्ट उद्देश्य से लोग उत्साहपूर्वक सम्मिलित होते हैं। - - - -
उत्साह पुलिंग - - - - मन की वह वृत्ति या स्थिति जिसके परिणामस्वरूप मनुष्य प्रसन्नता और तत्परतापूर्वक किसी काम को पूरा करने या किसी उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए अग्रसर होता है। - - - -
उत्सुक विशेषण - - - - जिसके मन में तीब्र अथवा प्रबल अभिलाषा हो या जो किसी काम या बात के लिए किंचित् अधीर हो। - - - -
उदय पुलिंग पुलिंग - - - ऊपर की ओर उठने, उभरने या बढ़ने की क्रिया या भाव, उद्भव; ग्रह, नक्षत्रों आदि का क्षितिज से ऊपर उठकर आकाश में आना और दृश्य होना; - - -
उदार विशेषण विशेषण - - - खुले दिलवाला, दानी; जो स्वभाव से नम्र और सुशील हो और पक्षपात या संकीर्णता का विचार छोड़कर सबके साथ खुले दिल से आत्मीयता का व्यवहार करता हो। - - -
उदास विशेषण - - - - खिन्न, जो किसी प्रकार की उपेक्षा या अभाव के कारण अथवा भावी अनिष्ट की आशंका से खिन्न और चिन्तित हो। - - - -
उदासीन विशेषण विशेषण विशेषण - - अलग या दूर रहने वाला; आसक्ति अथवा कामना-रहित; तटस्त, विरक्त। - -
उदाहरण पुलिंग पुलिंग - - - नियम, सिद्धान्त आदि को बोधगम्य तथा स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य; ऐसा आचरण, कृति या क्रिया जो दूसरों को अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित करे। - - -
उद्घाटन पुलिंग पुलिंग - - - आवरण या परदा हटाना; आधुनिक परिपाटी या रस्म जो नया कार्य आरंभ करने के समय औपचारिक उत्सव या कृत्य के रूप में की जाती है। - - -
उद्देश्य पुलिंग - - - - वह बात, वस्तु या विषय जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए, अभिप्रेत कार्य, पदार्थ या विषय, इष्ट। - - - -
उद्धरण पुलिंग - - - - किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश। - - - -
उद्यम पुलिंग - - - - परिश्रम, मेहनत। - - - -
उद्योग पुलिंग पुलिंग - - - परिश्रम, अध्यवसाय; काम-धंधा। - - -
उद्योगपति पुलिंग पुलिंग - - - कच्चे माल से पक्का माल तैयार करने वाले किसी बड़े कारखाने का स्वामी; किसी भी उद्योग का स्वामी। - - -
उधेड़ना सकारात्मक क्रिया - - - - सिलाई के टांके खोलना। - - - -
उधेड़-बुन स्त्रीलिंग - - - - मन की अनिश्चियात्मक स्थिति, उलझन। - - - -
उन्नति स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया; उच्चता। - - -
उन्माद पुलिंग पुलिंग - - - मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था; साहित्य में एक संचारी भाव। - - -
उन्मूलन पुलिंग पुलिंग - - - मूल या जड़ से नष्ट-भ्रष्ट करने की प्रक्रिया; समाप्त करना। - - -
उपग्रह पुलिंग पुलिंग - - - बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रंह; किसी ग्रह की परिक्रमा करने के लिए आकाश में छोड़ा जाने वाला यांत्रिक गोला या पिंड। - - -
उपचार पुलिंग - - - - चिकित्सा। - - - -
उपज स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - जो उपजा हो, पैदावार, फसल; जो बन कर तैयार हुआ हो, उत्पादन; मन की नई उद्भावना या सूझ। - -
उपजना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - - उगना, अंकुर निकलना या फूटना; कोई नई बात सूझना। - - -
उपजाऊ विशेषण - - - - कृषि के लिए उपयुक्त भूमि। - - - -
उपदेश पुलिंग पुलिंग - - - धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें; समुचित राय। - - -
उपद्रव पुलिंग पुलिंग - - - दंगा, फसाद; हलचल, ऊधम। - - -
उपनगर पुलिंग - - - - नगर के आसपास बसा हुआ बाहरी भाग। - - - -
उपनाम पुलिंग - - - - वास्तविक नाम से भिन्न कवियों, लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम (पैननेम)। - - - -
उपन्यास पुलिंग - - - - वह काल्पनिक गद्य कथा जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य-कलापों का विस्तृत चित्रण हो। - - - -
उपभोक्ता पुलिंग - - - - काम में लाने या व्यवहार करने वाला, खपतकार। - - - -
उपभोग पुलिंग पुलिंग - - - आनन्द या सुख-प्राप्ति के लिए किसी वस्तु का भोग करना या उसे व्यवहार में लाना; किसी वस्तु का इस रूप में प्रयोग करना कि उसकी उपभोगिता धीरे-धरे कम होती चले। - - -
उपमा स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - समान गुणों के आधार पर दो वस्तुओं को तुल्य या समान ठहराना; एक अर्थालंकार जिसमें उपमेय व उपमान भिन्न होते हुए भी उनमें किसी प्रकार की एकता या समानता दिखाई जाए। - - -
उपयोग पुलिंग - - - - प्रयोग, व्यवहार। - - - -
उपयोगी विशेषण - - - - जो प्रयोग या व्यवहार में लाए जाने के योग्य हो। - - - -
उपलक्ष्य पुलिंग - - - - वह बात जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए। - - - -
उपला पुलिंग - - - - जलाने के काम आने वाली गोबर का सूखा टुकड़ा, कंडा। - - - -
उपवन पुलिंग - - - - उद्यान, बाग, पार्क। - - - -
उपवास पुलिंग - - - - दिन-भर या दिन-रात भोजन न करना (भूखे रहना, लंधन, फाका)। - - - -
उपसंहार पुलिंग पुलिंग - - - अंत, समाप्ति; किसी प्रकरण, विषय् आदि का अंतिम अंश जिसमें विषय का सारांश दिया जाता है। - - -
उपस्कर पुलिंग - - - - औज़ार, उपकरण। - - - -
उपस्थिति स्त्रीलिंग - - - - हाज़िरी। - - - -
उपहार पुलिंग - - - - प्रसन्न होकर तथा सद्भाव-पूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु। - - - -
उपहास पुलिंग - - - - हंसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक। - - - -
उपाधि स्त्रीलिंग - - - - महत्व योग्यता, सम्मान आदि का सूचक वह पद या शब्द जो किसी के नाम के साथ लगाया जाए, खिताब, पदवी, डिग्री। - - - -
उपाय पुलिंग - - - - युक्ति, तरकीब। - - - -
उपासक पुलिंग पुलिंग - - - जो उपासना करता हो; आराधक। - - -
उपासना स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - ईश्वर, देवता आदि की मूर्त्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिन्तन, पूजन आराधन; किसी वस्तु के प्रति अत्यधिक आसक्ति की भावना। - - -
उपेक्षा स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - अवहेलना; अनादर। - - -
उबकाई स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - उल्टी, कै; मिचली, मितली, मतली। - - -
उबरना अकारात्मक क्रिया - - - - घात, फंदे, संकट आदि से बच जाना। - - - -
उबलना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - - आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना; उत्तेजित होना, आवेश में आना। - - -
उभरना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - - नीचे के तल से उठ या निकलकर ऊपर आना; ऊपर उठकर या किसी प्रकार उत्पन्न होकर अनुभूत या प्रत्यक्ष होना। - - -
उमंग स्त्रीलिंग - - - - कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनन्द या उत्साह। - - - -
उम्मीदवार (उम्मेदवार) पुलिंग - - - - किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए खड़ा होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति, प्रत्याशी। - - - -
उर्वर विशेषण विशेषण - - - उपजाऊ; जिसकी उत्पादन शक्ति आधिक हो (तत्त्व)। - - -
उर्वरक पुलिंग - - - - खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रसायनिक खाद (फर्टिलाइज़र)। - - - -
उलझन स्त्रीलिंग - - - - ऐसी स्थिति जिसमें किसी प्रकार का निराकरण़ या निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी। - - - -
उलझना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - - किसी चीज के अंगो का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फंसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सकें। झंझट, झगड़े, बखेड़े आदि में इस प्रकार फंसना कि जल्दी छुटकारा न हो सके। - - -
उलटना अकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया - - सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना; साधारण स्थिति से विपरीत या विरुद्ध हो जाना या करना; ऊपर का भाग नीचे और नीचे का भाग ऊपर की स्थिति में होना। - -
उलटी स्त्रीलिंग - - - - कै, वमन। - - - -
उलाहना पुलिंग - - - - अपकार या हानि के प्रतिकार या पूर्त्ति के लिए ऐसे व्यक्ति से उसकी दु:खपूर्वक चर्चा करना जो उसके लिए उत्तरदायी हो या उसका प्रतिकार कर अथवा करा सकता हो, गिला, शिकवा। - - - -
उलीचना सकारात्मक क्रिया - - - - किसी बड़े आधार या पात्र में भरे हुए जल को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना। - - - -
उल्लंधन पुलिंग - - - - आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना, अतिक्रमण। - - - -
उल्लास पुलिंग - - - - आनन्द, प्रसन्नता। - - - -
उल्लेखनीय विशेषण - - - - जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो। - - - -
उसूल पुलिंग - - - - सिद्धान्त। - - - -
उस्तरा पुलिंग - - - - बाल मूंडने का छुरा। - - - -
ऊघना अकारात्मक क्रिया - - - - झपकी आने पर आंखे बंद होना और सिर का बारबार झूलना। - - - -
ऊचा विशेषण विशेषण विशेषण - - आधार या तल से ऊपर उठा हुआ; लंबा; पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से दूसरों से आगे बढ़ा हुआ। - -
ऊंचाई स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - ऊँचे होने की अवस्था या भाव; गौरव, बड़ाई। - - -
ऊपर अव्यय अव्यय विशेषण विशेषण - आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में; किसी के आधार या सहारे पर। ओरों से बढ़कर, श्रेष्ठ, उत्तम; अधिक, ज्यादा। -
ऊबना अकारात्मक क्रिया - - - - जी भर जाने के बाद किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना। - - - -
ऊष्मा स्त्रीलिंग - - - - गरम होने की अवस्था, गुण या भाव, गरमी, ताप। - - - -
ऊसर पुलिंग - - - - ऐसी भूमि जिसमें रेह की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कुछ उत्पन्न न होता हो, अनुपजाऊ, बंजर, परती। - - - -
ऊहापोह पुलिंग - - - - अनिश्चय की दशा में होने वाला तर्क-वितर्क या सोच-विचार, उधेड़-बुन। - - - -
ऋण पुलिंग पुलिंग पुलिंग - - उधार, कर्ज; किसी का किया हुआ उपकार, एहसान; घटाने या बाकी निकालने का चिह्न (-)। - -
ऋणदाता विशेषण - - - - ऋण देने वाला। - - - -
ऋतुराज पुलिंग - - - - ऋतुओं में सबसे अधिक आनन्द दायक बसंत ऋतु। - - - -
ऋषि पुलिंग पुलिंग - - - वेद-मंत्रों का प्रकाश करने वाले महापुरुष या मंत्र-द्रष्टा; आध्यात्मिक और भौतिक तत्त्वों का साक्षात्कार करने वाला। - - -
एकता स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - मेल; समानता। - - -
एकत्र क्रिया विशेषण - - - - इकट्ठा, जमा। - - - -
एकदम अव्यय अव्यय - - - तुरंत; बिल्कुल। - - -
एकनिष्ठ विशेषण विशेषण - - - एक पर ही श्रद्धा रखने वाला, अनन्य भक्त; मन लगाकर कोई काम करने वाला, एकाग्रचित। - - -
एकमत विशेषण पुलिंग - - - एक ही तरह की राय रखने वाला। मन की एकता, मतैक्य। - - -
एकमात्र विशेषण - - - - अकेला, एक ही। - - - -
एकांत विशेषण विशेषण पुलिंग - - निर्जन, सूना; एक को छोड़ और किसी ओर ध्यान न देने वाला। निर्जन स्थान। - -
एकाकी विशेषण - - - - अकेला। - - - -
एकाग्र विशेषण - - - - तन्मय, दत्तचित्त। - - - -
एकाधिकार पुलिंग - - - - एक या अकेले व्यक्ति का अधिकार (मॉनोपोली)। - - - -
ऐंठन स्त्रीलिंग - - - - मरोड़। - - - -
ऐंठना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया - बल पड़ने के कारण मुड़ना या संकुचित होना; अकड़ दिखाना। मरोड़ना धोखा देकर लेना। -
ऐनक स्त्रीलिंग - - - - चश्मा। - - - -
ऐश्वर्य पुलिंग पुलिंग - - - धन-संपत्ति, वैभव; प्रभुत्व, शक्ति। - - -
ओजस्वी विशेषण विशेषण - - - प्रभावशाली, तेजस्वी; शक्तिशाली। - - -
ओझल विशेषण, पुलिंग - - - - अदृश्य, छिपा हुआ। - - - -
ओझा पुलिंग पुलिंग - - - भूप-प्रेत आदि झाड़ने वाला व्यक्ति, सयाना। ब्राह्मणों की एक जाति। - - -
ओटना सकारात्मक क्रिया - - - - कपास के बिनौले अलग करना; - - - -
ओढ़ना सकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया पुलिंग - - किसी कपड़े आदि से बदन ढकना; जिम्मा लेना। तन ढकने के लिए ऊपर से डाला जाने वाला वस्त्र। - -
ओर स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - दिशा, तरफ; पक्ष। - - -
ओला पुलिंग - - - - बादलों से गिरने वाले वर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े। - - - -
ओस स्त्रीलिंग - - - - वातावरण में फैली हुई भाप जो जलकण के रूप में पृथ्वी पर गिरती है (ड्यू)। - - - -
ओहदा पुलिंग - - - - किसी कर्मचारी या कार्यकर्त्ता का पद। - - - -
औचित्य पुलिंग - - - - उचित हाने की अवस्था या भाव, उपयुक्तता। - - - -
औजार पुलिंग - - - - हथियार, उपकरण। - - - -
औटाना सकारात्मक क्रिया - - - - किसी तरल पदार्थ को उबालकर या खौला कर गाढ़ा करना। - - - -
औधोगिक विशेषण विशेषण - - - उद्योग-संबंधी; वस्तुएं तैयार करने के काम से संबंध रखने वाला। - - -
औद्योगीकरण पुलिंग - - - - किसी देश में उद्योग-धंधों का विस्तार करने और नए-नए कल-कारखाने स्थापित करने का काम (इन्डस्ट्रियलाइज़ेशन)। - - - -
औपचारिक विशेषण विशेषण - - - उपचार संबंधी; दिखावटी अथवा किसी नियम या रीति आदि के पालन-स्वरूप किया जाने वाला आचरण। - - -
औपचारिकता स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - औपचारिक होने की अवस्था गुण या भाव (फार्मोलिज़्म); दुनियादारी। - - -
और अव्यय विशेषण क्रिया विशेषण - - दो शब्दों और वाक्यों को जोड़ने वाला शब्द, तथा। दूसरा। अधिक। - -
औरत स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - स्त्री, महिला; पत्नी। - - -
औषधालय पुलिंग - - - - दवाखाना। - - - -
औषध स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - दवा; जड़ी-बूटी जो दवा में काम आए। - - -
औसत पुलिंग पुलिंग - - - माध्य, बीच का (एवरेज); साधारण। - - -

ओषधि