विक्षनरी:विदेशी मुद्रा बाजार की शब्दावली

शब्दावली

  • आस्क प्राईज़ : सबसे निचला मूल्य, जिस पर एक मुद्रा जोड़े को बेचने की पेशकश की जाती है.
  • बैलेंस/अकाउंट बैलेंस : ट्रेडिंग अकाउंट पर सभी पूरे हो चुके लेनदेन एवं जमा/निकासी के कुल वित्तीय परिणाम ।
  • बार चार्ट : एक दैनिक बार चार्ट पर प्रत्येक बार एक दिन की गतिविधि का प्रतिनिधित्व करता है । सीधे लंबवत बार दिनभर के उच्चतम मूल्य से दिनभर के निम्नतम मूल्य तक रेखांकित किए जाते हैं । ओपनिंग मूल्य एवं क्लोज़िंग मूल्य बार पर लगे निशान से इंगित होते हैं ।
  • बेस करेंसी/आधार मुद्रा : फॉरेक्स पर एक मुद्रा जोड़े में कोट की गई पहली मुद्रा .
  • बीअर : इस विश्वास पर निवेशकों की कार्यविधि, कि मूल्य या बाज़ार गिरेंगे ।.
  • बिड : वह उच्चतम मूल्य, जिस पर मुद्रा जोड़ा खरीदा जाएगा ।
  • ब्रोकर : व्यक्ति-विशेष या फर्म, जो कमीशन या शुल्क के लिए क्रेता एवं विक्रेता को एक-दूसरे से मिलाकर मध्यस्थ की भूमिका निभाता है.
  • बुल : निवेशक जो अपेक्षा करता है कि बाज़ार या मूल्य उठेंगे
  • केबल : वह विशिष्ट शब्द जो यूएस डॉलर एवं ब्रिटिश पाउंड के बीच विनिमय दर की व्याख्या करने के लिए उपयोग किया जाता है । इसकी उत्पत्ती प्रथम ट्रांस-अटलांटिक कम्युनिकेशन के लिए उपयोग की गई केबल से हुई है.
  • कैंडलिस्टिक चार्ट्स : सूचनाएं देने में बार चार्ट के समान ही, लेकिन मूल्य के उतार-चढ़ाव को बताने के लिए विशेष प्रकार से प्रस्तुत ।
  • कैरी ट्रेड : ब्याज दर का अंतर प्राप्त करने के लिए एक निम्नतम लाभ वाली मुद्रा की पूंजी से एक उच्चतम लाभ वाली मुद्रा को खरीदने के लिए एक निवेश स्थिति ।
  • चैनल : एक अपवर्ड्स या डाउनवर्ड्स प्रवृत्ति, जिसकी सीमाएं दो सीधी रेखाओं द्वारा चिन्हित की जाती हैं. चैनल रेखाओं के ऊपर/नीचे एक ब्रेक, प्रवृत्ति में किसी संभावनापूणर् बदलाव की ओर इशारा करता है ।
  • कॉन्ट्रेक्ट (युनिट या लॉट) : निश्चित विनिमयों पर कोई मानक व्यापार इकाई. अलपरी विदेश विनिमय से एक मानक लॉट, आधार मुद्रा की 100,000 इकाईयां, जैसे 100000 डॉलर ।
  • क्रॉस करेंसी : फॉरेक्स में व्यापार की गई मुद्राओं का एक जोड़ा, िजसमें यू.एस. डॉलर शामिल नहीं है ।
  • डेली चार्ट्स : वह चार्ट, जिसमें व्यापार किए गए मुद्रा जोड़ों के दैनिक मूल्य के उतार-चढ़ाव को समाहित किया गया है.
  • डे ट्रेडिंग : इसका तात्पर्य उसी दिन या व्यापार सेशन में व्यापार के प्रवेश एवं बंद होने की प्रक्रिया से है ।
  • यूरो : यूरोपियन संघ में बारह देशों द्वारा उपयोग की जाने वाली यूरोपियन मॉनिटरी यूनियन की मॉनिटरी इकाई । यह जनवरी 2002 से अब इन देशों की वैधानिक टेंडर है. इन देशों में शामिल हैं जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, द नीदरलैंड्स, लक्ज़ेम्बर्ग, स्पेन, पुर्तगाल, इटली, ऑस्ट्रिया, आयरलैंड, फिनलैंड एवं ग्रीस ।
  • फोरेन एक्सचेंज/फोरेक्स : वह बाज़ार, जिसमें शामिल होने वाले व्यापारी मुद्राओं का क्रय, विक्रय, विनिमय एवं उन पर दाव लगा सकते हैं. विदेश विनिमय बाज़ार बैंकों, कमर्शियल कंपनियों, सेंट्रल बैंकों, निवेश प्रबंधन फर्मों, हेज फंड्स एवं खुदरा फोरेक्स ब्रोकर्स एवं निवेशकों से मिलकर बनता है ।
  • फंडामेंटल एनालिसिस/आधारभूत विश्लेषण : आर्थिक संकेतकों एवं राजनीतिक एवं ऐसे ताज़ा घटनाक्रमों का विश्लेषण जो वित्तीय बाज़ार की भावी दिशा पर असर डाल सकते हैं । फॉरेक्स बाज़ार में आधारभूत विश्लेषण प्राथमिक तौर पर वृहद्अर्थशास्त्रीय घटनाओं पर आधारित है ।
  • हेज/हेजिंग : किसी के पोर्टफोलियो पर कीमतों के प्रतिकूल उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने एवं बाज़ार की अस्थिरता के प्रति सुरक्षा प्रदान करने की रणनीति । हेजिंग प्रतिनिधिक रूप से आगामी कीमतों पर बेचने या खरीदने या किसी संबंधित प्रतिभूति में एक पोजीशन लेने से संबंधित है । हेजिंग वर्तमान बाज़ार परिस्थितियों के बारे में बढ़ी हुई अनिश्चितता के साथ अधिक प्रचलित हो जाता है ।
  • लिमिट ऑर्डर : भुगतान किए जाने वाले अधिकतम मूल्य या प्राप्त किए जाने वाले न्यूनतम मूल्य पर बंदिशों के साथ एक ऑर्डर । उदाहरण के रूप में यदि USD/YEN का वर्तमान मूल्य 93.00/03 है, तो यूएसडी की क्रय लिमिट 93 से कम हो सकती है (जैसे 92.50) ।
  • लिक्विडिटी : कीमतों पर न्यूनतम या बिना किसी प्रभाव के बड़े लेनदेन स्वीकार करने की बाज़ार की क्षमता ।
  • मार्जिन : लेनदेन के कुल मूल्य का वह प्रतिशत जो कि किसी व्यापारी को जमा करना होता है ।
  • मार्केट ऑर्डर : किसी मुद्रा जोड़े को सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध कीमत में खरीदने या बेचने का निर्देश ।
  • ऑफर : वह कीमत, जिस पर कोई विक्रेता बेचना चाह रहा है ।
  • ऑर्डर : एक ग्राहक द्वारा ब्रोकर/व्यापारी को किसी निश्चित कीमत या बाज़ार मूल्य पर खरीदने या बेचने का निर्देश. यह तब तक लागू रहता है, जब तक पूरा न हो या ग्राहक द्वारा निरस्त न कर दिया जाए ।
  • Over-the-counter Market : Where there is no exchange involved in the transaction. One party trades directly with the other.
  • पिप (पॉइंट्स)  : विनिमय दर के चलन की सबसे छोटी मात्रा, आमतौर पर .0001
  • कोट करेंसी : जोड़े में दूसरी मुद्रा ।
  • रोलओवर : रातभर के लिए एक मुद्रा पोजीशन रखने हेतु एक शुल्क या प्राप्ति है । इस प्रक्रिया की लागत दो मुद्राओं के बीच विविध ब्याज दर द्वारा की जाती है ।
  • स्पॉट प्राइज़ : वह कीमत, जिस पर प्रतिभूति, वस्तु अथवा मुद्रा का त्वरित विनिमय होता है । (व्यापार तिथि + 2)
  • स्प्रीड : बोली और प्रस्ताव मूल्य के बीच का अंतर ।
  • स्वैप : रोलओवर शुल्क अथवा प्राप्ति ।
  • तकनीकी विश्लेषण/टेक्निकल एनालिसिस : प्रतिभूति, वस्तु या मुद्रा में भविष्य में होने वाली हलचल की भविष्यवाणी करने का प्रयास करने वाली एक तकनीक । यह पूर्णतः पूर्व-मूल्यों के चलन एवं मात्रा स्तर पर आधारित रहती है । यह चार्ट्स एवं पूर्व प्रदर्शन की पड़ताल करती है ।
  • टिक : एकल कीमत चालन
  • ट्रांज़ेक्शन कॉस्ट/लेनदेन लागत : व्यापारी को वस्तु या मुद्रा बेचने/खरीदने पर लगने वाली लागत । इस लागत में ब्रोकर का कमीशन और स्प्रीड शामिल है ।
  • ट्रांज़ेक्शन डेट/लेनदेन की तिथि : वह तिथि, जिस पर व्यापार हुआ ।
  • ट्रेंड लाइंस : चार्ट पर की सीधी रेखा, जो मुद्रा जोड़े के संपूर्ण रुझान को इंगित करती है । एक अपवर्ड रुझान में रेखा नीचे की ओर बनाई जाती है और समर्थन रेखा की भूमिका निभाती है । नीचे के रुझानों में इसका उलट होता है । जब मुद्रा ट्रेंड लाइन को तोड़ देती है तो रुझान को अमान्य समझा जाता है ।