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प्रकाशितकोशों से अर्थसंपादित करें

शब्दसागरसंपादित करें

रमण ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] आनंदोत्पादक क्रिया । विलास । क्रिड़ा । कोलि ।

२. मैथुन ।

३. गमन । घूमना । विचरण ।

४. पति

५. कामदेव ।

६. जधन ।

७. गधा ।

८. अंडकोश ।

९. सूर्य का अरुण नामक सारथी ।

१०. एक वन का नाम ।

११. एक वर्णिक छंद का नाम । इसके प्रत्येक चरण में तीन अक्षर होते है; जिनमें दो लघु और एक गूरु होता है । जैस,—दुख क्यों । टरि है । हरि जू । हरि हैं ।

१२. परवल की जड़ (को॰) ।

रमण ^२ वि॰ [स्त्री॰ रमणी]

१. मनोहर । सुंदर ।

२. जिसके मिलने से आनंद उत्पन हो । प्रिय ।

३. रमनेवाला ।