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प्रकाशितकोशों से अर्थ सम्पादन

शब्दसागर सम्पादन

तरवारि संज्ञा पुं॰ [सं॰] खड्प का एक भेद । तलवार । उ॰—रोष न रसना जनि खोलिए बरु खोलिए तरवारि ।—तुलसी (शब्द॰) ।