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प्रकाशितकोशों से अर्थ सम्पादन

शब्दसागर सम्पादन

चपड़ा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चपटा]

१. साफ की हुई लाख का पत्तर । साफ की हुई काम में लाने योग्य लाख ।

२. लाल रंग का एक कीड़ा या फतिंगा जो प्रायः पाखानों तथा सीड़ लिए हुए गंदे स्थानों में होता है ।

२. कोई पिटी हुई या चिपटी वस्तु पत्तर ।

चपड़ा लेना क्रि॰ अ॰ [हिं॰ चपढ़ा ] मस्तूल के जोड़ पर रस्सी लपेटना ।—(लश॰) ।