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प्रकाशितकोशों से अर्थसंपादित करें

शब्दसागरसंपादित करें

घृणा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] [सं॰ घृणित]

१. घिन । नफरत ।

२. वीभत्स रस का स्थायी भाव ।

३. दया । करुणा । तरस ।