क्षत
प्रकाशितकोशों से अर्थ
सम्पादनशब्दसागर
सम्पादनक्षत ^१ वि॰ [सं॰] जिसे क्षति या आघात पहुँचा हो । जो किसी प्रकार टूटा फूटा या चीरी फाडा हो ।
क्षत ^२ संज्ञा पुं॰
१. घाव । जख्म ।
२. ब्रण । फोड़ा ।
३. एक प्रकार का फोड़ा जो गिरने, दौड़ने या किसी प्रकार का क्रुर कर्म करने से हृदय में हों जाता है । इसमें रोगी को ज्वर आता है और खाँसने से मुँह से रक्त निकलता है ।
४. मारना । काटना ।
५. क्षति या आघात पहुँचाना ।
६. भय । खतरा । डर (को॰) ।
७. दुःख । कष्ट (को॰) ।