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प्रकाशितकोशों से अर्थ सम्पादन

शब्दसागर सम्पादन

मिन्नत संज्ञा स्त्री॰ [अ॰, मि॰ सं॰ विनति, हिं॰ मिनती]

१. प्रार्थना । निवेदन ।

२. दीनता । दैन्य । यौ॰—मिन्नत खुशामद = दीनतापूर्वक की हुई प्रार्थना । मिन्नत समाजत = विनय । प्रार्थना । उ॰—यों तो मैं विनय की मिन्नत समाजत करूँ, तो वह रियासत से चले जाने पर राजी हो जायँगे ।—रंगभूमि, भा॰ २, पृ॰ ४७८ ।

३. एहसान । कृतज्ञता । (क्व॰) । क्रि॰ प्र॰—उठाना ।—करना ।